बारिश की भविष्यवाणी पर गलत साबित हो रहा मौसम विभाग, नया सिस्टम भी फेल ?

देश में मानसून आ चुका है। और कुछ राज्यों में बारिश का असर भी देखना शुरु हो गया है मुंबई तो बारिश के चलते जलमग्न हो गई है इस साल मानसून की शुरुआत में देश के अलग-अलग मौसम जॉन में 80% तक कम बारिश दर्ज की गई है लेकिन उत्तर भारत के राज्य अभी मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे हैं एक तरफ बाढ़ जैसे हालात तो दूसरी तरफ सूखे की मार से यह सवाल खड़ा होता है कि क्या भारत में मानसून के दौरान होने वाली बारिश का अनुमान लगाने वाले तरीके को बदल दिया गया है क्या कारण है कि बारिश के बारे में मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित नहीं हो रही है देश में नवंबर 2018 से मार्च 2019 के बीच सबसे कम बारिश हुई थी जिसके चलते गर्मियों में पानी के ज्यादातर बड़े स्रोत सूख चुके हैं अब एक मानसून की जरूरत है जुलाई और अगस्त में मानसून के लिए बहुत जरूरी है भारत में बारिश को कम करने वाले एक कार के तौर पर देखा जाता है लेकिन इसके अलावा भी कई कारक हैं जो मानसून के कमजोर करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।